Thursday, 22 January 2026

नार्सिसिस्ट का प्यार शुरुआत में बहुत सुंदर लगता है।वह आपको इस तरह देखता है, सुनता है और समझता हैकि आपको लगता है..शायद यही वह इंसान है जिसका मुझे इंतज़ार था।शुरुआत में वह आपको इतना महत्व देता हैकि आप खुद को बेहद खास महसूस करने लगते हैं।आपकी हर बात उसे सही लगती है,आपकी हर पसंद उसकी पसंद बन जाती है,और वह भविष्य के बड़े-बड़े सपने दिखाने लगता है।लेकिन धीरे-धीरे यह सब बदलने लगता है।जैसे ही आप भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं,अपना समय, अपनी प्राथमिकताएँऔर अपनी ज़रूरतें पीछे रखने लगते हैं...यहीं से उसके व्यवहार में ठंडापन आने लगता है।अब वह पहले जैसा ध्यान नहीं देता।कभी व्यस्तता का बहाना होता है,कभी चुप्पी ओढ़ लेता है,और कभी आपकी बातों को नज़रअंदाज़ करने लगता है।जब आप सवाल करते हैं,तो जवाब मिलता है..“तुम ज़्यादा सोचती हो,”“तुम हर बात का मुद्दा बना लेती हो,”“तुम पहले जैसी नहीं रहीं।”धीरे-धीरे आप खुद पर शक करने लगते हैं।आप अपनी भावनाओं को ही गलत मानने लगते हैं।आप सोचते हैं..शायद मैं ही ज़्यादा उम्मीद कर रही हूँ,शायद थोड़ा और समझौता कर लूँ,थोड़ा और सह लूँ,तो सब फिर से ठीक हो जाएगा।लेकिन ऐसा कभी नहीं होता।क्योंकि नार्सिसिस्ट का प्यारसिर्फ़ तब तक होता हैजब तक उसे आपसे प्रशंसा, ध्यानऔर अपनी अहमियत मिलती रहती है।उसे रिश्ता निभाना नहीं,रिश्ते पर हावी होना होता है।ऐसे रिश्ते में एक इंसानपूरी ईमानदारी से कोशिश करता है,और दूसरा इंसानउस कोशिश को कभी पर्याप्त नहीं मानता।सबसे दुखद बात यह होती हैकि आप धीरे-धीरे खुद को खोने लगते हैं,अपनी पहचान भूलने लगते हैं,और फिर भी खुद को ही दोषी मानते रहते हैं।याद रखिए...जो इंसान आपको बार-बारअपनी कीमत साबित करने पर मजबूर करे,वह आपसे प्यार नहीं करता।प्यार वह होता हैजहाँ आपको खुद बनने की आज़ादी मिले,जहाँ यह डर न होकि आज बोले तो कल छोड़ दिया जाएगा।अगर आपने यह सब सहा है,तो आप कमज़ोर नहीं हैं।आपने बहुत कुछ सहकर भीखुद को ज़िंदा रखा है।आज के समय मेंलड़का लड़की को छल रहा है,और लड़की लड़के को।किशोरावस्था से लेकर शादी तकन जाने कितने रिश्ते और ब्रेकअप होते रहते हैं,और वही मानसिकतालोग शादी जैसे रिश्ते में भी साथ लेकर चलते हैं।जब पति या पत्नी में से कोई एकईमानदार और वफ़ादार होता हैऔर रिश्ता छोड़ना नहीं चाहता,तो कई बार दबाव, मानसिक हिंसाऔर कभी-कभी शारीरिक हिंसा का सहारा लिया जाता है।फिर हालात ऐसे बनते हैंकि न चाहते हुए भीअलग रहना पड़ता है,या न चाहते हुए भीरिश्ता तोड़ने का फैसला लेना पड़ता है।क्योंकि ऐसे नार्सिसिस्ट लोगन आँसू समझते हैं,न दर्द,न ही वफ़ादारी की क़द्र करते हैं।उनके लिए रिश्ताप्यार नहीं,सिर्फ़ चाल और नियंत्रण होता है।इसीलिए इन सब उलझनों से बेहतर हैकि बिना समझ और परिपक्वता केकिसी भी रिश्ते में पड़ने से पहलेअपनी पढ़ाई, करियरऔर आत्मसम्मान पर ध्यान दिया जाए।क्योंकि मजबूत इंसानगलत रिश्ते नहीं चुनता...वह खुद को चुनता है।Aradhana Sharma (Shera ki Didi)Specially for teenagers and parents pay attention towards this...शेरा की दीदी की सीख....बेटा, जो इंसान शुरुआत में तुम्हें आसमान दिखाएऔर बाद में तुम्हें चुप रहना सिखाए,वह प्यार नहीं करता..वह सिर्फ़ तुम्हें अपने हिसाब से ढालना चाहता है।प्यार वह नहींजो तुम्हें खुद से दूर कर दे,प्यार वह हैजो तुम्हें और मज़बूत बनाए।इसलिए कभी भीअपना आत्मसम्मान, अपनी आवाज़और अपने सपनेकिसी के attention के बदले मत देना।अगर यह शब्द आपकी कहानी जैसे लगे,तो इसे save करें ... ताकि खुद को याद दिला सकें।किसी ऐसे इंसान के साथ share करेंजिसे आज यह समझने की ज़रूरत है।और comments में लिखिए ...“मैं खुद को चुन रही/रहा हूँ।”#NarcissistTruth#ToxicRelationship#SelfRespectFirst#EmotionalAbuseAwareness#Gaslighting#HealingJourney#ChooseYourself#MentalHealthMatters#RelationshipReality#BreakTheCycle#SelfLoveIndia#StrongNotBroken#AwarenessPost