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Monday, 29 June 2026
"समझौता करना जीवन की समझदारी है, लेकिन इतना भी नहीं कि लोग तुम्हारे अस्तित्व, आत्मसम्मान और तुम्हारी भावनाओं को ही नज़रअंदाज़ करने लगें। जहाँ हर बार केवल तुम्हें ही झुकना पड़े, वहाँ समझौता नहीं, अपने वजूद को खो देना कहलाता है......Compromise is the wisdom of life, but not so much that people begin to ignore your existence, self-respect, and your feelings. Where you have to give in every time, it's not compromise, it's losing your identity......
Tuesday, 16 June 2026
Saturday, 13 June 2026
जब नीयत साफ हो, कर्म सच्चे हों और मन में ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास हो, तब जीवन की कोई भी कठिन परिस्थिति आपका अहित नहीं कर सकती। कई बार रास्ते बंद नज़र आते हैं, उम्मीद की किरण भी धुंधली पड़ जाती है, लेकिन ईश्वर की कृपा वहाँ भी मार्ग बना देती है जहाँ इंसान को कोई रास्ता दिखाई नहीं देता। इसलिए परिस्थितियों से घबराइए नहीं, अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाइए और विश्वास को कभी कमजोर मत पड़ने दीजिए। सही नीयत और सच्चे प्रयास का फल देर से ही सही, लेकिन अवश्य मिलता है। 🕊🥀
Wednesday, 10 June 2026
Tuesday, 2 June 2026
दहेज से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी के बाद किसी भी लड़के या उसके परिवार को बहू और उसके मायके वालों का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि दहेज के नाम पर पैसे मांगना और फिर लड़की के परिवार को अपमानित करना बेहद गंभीर सामाजिक बुराई है, जिस पर कड़ा संदेश जाना चाहिए।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आखिर लोग दहेज के नाम पर पैसे कैसे मांग सकते हैं। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले पैसे मांगे जाते हैं और बाद में लड़की के परिवार को भिखारी तक कहा जाता है। ऐसी मानसिकता समाज के लिए घातक है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुल्हन या उसके मायके वालों की बेइज्जती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने कहा कि विवाह दो परिवारों के बीच सम्मान और विश्वास का रिश्ता होता है, लेकिन दहेज की मांग और उत्पीड़न इस रिश्ते को कमजोर करते हैं। मामले में आरोपी पति और उसके परिवार ने राहत की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई। पीठ ने राहत देने से इनकार करते हुए आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया।
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