Sunday, 18 October 2026

मेरे पति ने मुझे कहीं का न छोड़ा। मेरा सारा समय बर्बाद हो गया, कुछ नहीं बचा। समेटते समेटते सब बिखर गया।---मेरी शादी बहुत साल पहले हो गई। शुरू से ही मेरा पति धोखा, पराई स्त्री के चक्कर में है। साथ होते हुए भी बहुत दूर हैं, कुछ कहो तो कहते हैं पकड़ कर दिखाओ, कैसे पकड़ूँ, जानती भी हूँ , फिर भी विवश हूँ।---जब कि मैं जो कहते वही मान लेती थी, न कोई लड़ाई न कोई झगड़ा। मैं आँखो देखी और जो सह रही हूँ, उसे भी अगर बोल दूँ तो कहते हैं कि झूठ बोल रही है, कौन तुम्हारी बात पर भरोसा करेगा।वो दिखावा बहुत करते हैं। मैं किसी से कुछ नहीं कह सकती, न ज़्यादा किसी से बात कर सकती क्योंकि इज़्ज़त की बात है। मैं मरूँ या जीऊँ कोई मतलब नहीं है, अब मैं सारी दुनिया को बताना चाहती हूँ लेकिन मजबूर हूँ, क्या करूँ?---कहने के लिए पत्नी हूँ। सारे लोग कहते हैं, सबूत सामने लाओ तब बताएँ। कहाँ आते हैं, कहाँ जाते हैं किसी को कुछ नहीं पता। कई बार जानने की कोशिश भी की, सब कहते हैं इस इंसान को कोई पकड़ नहीं सकता। बात करके नंबर मिटा देते हैं, रात भर घर पर रहते हैं।--- केवल मैं जानती हूँ कि इस रिश्ते में कैसे जी रही हूँ और कोई नहीं। मेरे साथ होते हुए भी साथ नहीं, यही उनकी चालाकी है। फ़ोन छूने नहीं देते, वो इतने चालाक हैं कि उनको कोई पकड़ नहीं सकता। अब तो कहते हैं यह मेरी उम्र है, इनको शंका है, जबकि मैं सही थी, सही हूँ। क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा है।----उनका एक रास्ता नहीं है, वो कई रास्ते से आते जाते हैं, गली कूचा से जहाँ से मेरा आना जाना नहीं है।कहते हैं कोई नहीं पकड़ सकता, मैं कच्ची गोटी नहीं खेलता। #October18 #2026

Saturday, 19 September 2026

मैं तुम्हें कभी माफ़ नहीं कर सकती…इसके तीन कारण हैं।पहला— जो तुमने मेरे साथ किया, वो कोई गलती नहीं थी… वो सोच-समझकर किया गया छल था। तुम जानते थे कि तुम्हारे फैसले मुझे कितनी तकलीफ़ देंगे, फिर भी तुमने वही करना चुना।दूसरा— तुमने सिर्फ़ एक रिश्ता नहीं तोड़ा… तुमने मेरे अंदर की मासूमियत तोड़ दी। मेरा भरोसा छीन लिया, किसी पर फिर से विश्वास करने की हिम्मत छीन ली। तुम्हारा दिया नुकसान सिर्फ़ उस एक दिन या उस एक रिश्ते तक सीमित नहीं रहा… उसका असर मेरी पूरी ज़िंदगी पर पड़ा।तीसरा— मैं भगवान नहीं हूँ कि हर ज़ख्म को माफ़ कर दूँ। कुछ घाव शरीर पर नहीं, आत्मा पर लगते हैं… जो दिखाई नहीं देते, मगर उम्रभर रिसते रहते हैं।तुमने जो तोड़ा, वो सिर्फ़ मेरा दिल नहीं था…तुमने मेरे अंदर का वो इंसान तोड़ दिया, जो कभी तुम पर आँखें बंद करके भरोसा करता था।और याद रखना…टूटा हुआ इंसान जी तो सकता है,मगर पहले जैसा कभी नहीं बनता। 🖤कभी-कभी माफ़ न करना नफ़रत नहीं होता…बस अपने ज़ख्मों के साथ न्याय करना होता है।#आत्मसम्मान #भरोसा #रिश्ते #ज़ख्म #कड़वीसच्चाई #SelfRespect #Healing