मेरे पति ने मुझे कहीं का न छोड़ा। मेरा सारा समय बर्बाद हो गया, कुछ नहीं बचा। समेटते समेटते सब बिखर गया।---मेरी शादी बहुत साल पहले हो गई। शुरू से ही मेरा पति धोखा, पराई स्त्री के चक्कर में है। साथ होते हुए भी बहुत दूर हैं, कुछ कहो तो कहते हैं पकड़ कर दिखाओ, कैसे पकड़ूँ, जानती भी हूँ , फिर भी विवश हूँ।---जब कि मैं जो कहते वही मान लेती थी, न कोई लड़ाई न कोई झगड़ा। मैं आँखो देखी और जो सह रही हूँ, उसे भी अगर बोल दूँ तो कहते हैं कि झूठ बोल रही है, कौन तुम्हारी बात पर भरोसा करेगा।वो दिखावा बहुत करते हैं। मैं किसी से कुछ नहीं कह सकती, न ज़्यादा किसी से बात कर सकती क्योंकि इज़्ज़त की बात है। मैं मरूँ या जीऊँ कोई मतलब नहीं है, अब मैं सारी दुनिया को बताना चाहती हूँ लेकिन मजबूर हूँ, क्या करूँ?---कहने के लिए पत्नी हूँ। सारे लोग कहते हैं, सबूत सामने लाओ तब बताएँ। कहाँ आते हैं, कहाँ जाते हैं किसी को कुछ नहीं पता। कई बार जानने की कोशिश भी की, सब कहते हैं इस इंसान को कोई पकड़ नहीं सकता। बात करके नंबर मिटा देते हैं, रात भर घर पर रहते हैं।--- केवल मैं जानती हूँ कि इस रिश्ते में कैसे जी रही हूँ और कोई नहीं। मेरे साथ होते हुए भी साथ नहीं, यही उनकी चालाकी है। फ़ोन छूने नहीं देते, वो इतने चालाक हैं कि उनको कोई पकड़ नहीं सकता। अब तो कहते हैं यह मेरी उम्र है, इनको शंका है, जबकि मैं सही थी, सही हूँ। क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा है।----उनका एक रास्ता नहीं है, वो कई रास्ते से आते जाते हैं, गली कूचा से जहाँ से मेरा आना जाना नहीं है।कहते हैं कोई नहीं पकड़ सकता, मैं कच्ची गोटी नहीं खेलता। #October18 #2026