Sunday, 1 November 2020

अंदर तक तोड़ देते है; वो आंसू जो रात के अंधेरे में निकलते है..!

ये दुनिया “प्यार ” की सिर्फ बातें करती है जनाब... चलती तो सिर्फ अपने “ मतलब ” से है.।

बिछड़ते वही हैं , जो साथ चलते हैं ... वर्ना आगे पीछे तो हजारों चलते हैं ।

अच्छे जरूर बनें , लेकिन यह साबित करने की कोशिश ना करें , क्योंकि जो व्यक्ति सही होता है ; वह सफाई देने में अपना समय व्यर्थ नहीं करता..।

जो बदला जा सके उसे बदलो ; जो बदला न जा सके उसे स्वीकारो । और जो स्वीकारा न जा सके ; उससे दूर हो जाओ । लेकिन स्वयं को खुश रखो..।

ठंडा पानी और गर्म प्रेस कपड़ों की सारी सिकुड़न-सलवटें निकाल देती है ; ऐसे ही ठंडा दिमाग और ऊर्जा से भरा हुआ मन ; जीवन की सारी उलझनें मिटा देते हैं.।