Saturday, 2 October 2021

कभी कभार हमें सही होने के बावजूद भी चुप रहना पड़ता है इसलिए नहीं कि हम डरते है बल्कि इसलिए कि रिश्ते हमें बहस से ज्यादा प्यारे होते है

आग लगी थी मेरे घर में, सब जानने वाले आए, हाल पूछा ओर चले गए।एक सच्चे दोस्त ने पूछा क्या क्या बचा है..? मैने कहाँ· कुछ नहीं सिर्फ मै बच गया हूँ!उसने गले लगाकर कहा..तो फिर जला ही क्या है..?

सब को खुश रखना मेढकों को तोलने जैसा है.. एक को बिठाओ तो दूसरा कूद जाता है ।

मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरों से नहीं, क्यूंकि सुधरना मुझे है, दूसरों को नहीं..