Thursday, 30 January 2020

अक्सर महान बनने की चाहत में लोग , इंसान बनना भूल जाते हैं ।

नहीं आती मुझे उड़ती पतंग सी चालाकियां... गले लगाकर गला काट दूँ, वो मांझा नहीं हूँ मैं !

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जायेगा... याद रखना कोई न कोई पंख काटने जरुर आयेगा..

ताकत की जरूरत तभी पड़ती है, जब किसी का बुरा करना हो .... वरना , दुनिया में सब कुछ पाने के लिए तो प्रेम ही काफी है..।