Tuesday, 31 January 2023
जब एक शख्स लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी।पुत्र जब वयस्क हुआ तो पूरा कारोबार पुत्र के हवाले कर दिया। स्वयं कभी अपने तो कभी दोस्तों के आॅफिस में बैठकर समय व्यतीत करने लगे।पुत्र की शादी के बाद वह ओर अधिक निश्चित हो गये। पूरा घर बहू को सुपुर्द कर दिया।पुत्र की शादी के लगभग एक वर्ष बाद दोहपर में खाना खा रहे थे, पुत्र भी लंच करने ऑफिस से आ गया था और हाथ–मुँह धोकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था।उसने सुना कि पिता जी ने बहू से खाने के साथ दही माँगा और बहू ने जवाब दिया कि आज घर में दही उपलब्ध नहीं है। खाना खाकर पिताजी ऑफिस चले गये।थोडी देर बाद पुत्र अपनी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा। खाने में प्याला भरा हुआ दही भी था। पुत्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और खाना खाकर स्वयं भी ऑफिस चला गया।कुछ दिन बाद पुत्र ने अपने पिताजी से कहा- ‘‘पापा आज आपको कोर्ट चलना है, आज आपका विवाह होने जा रहा है।’’पिता ने आश्चर्य से पुत्र की तरफ देखा और कहा-‘‘बेटा मुझे पत्नी की आवश्यकता नही है और मैं तुझे इतना स्नेह देता हूँ कि शायद तुझे भी माँ की जरूरत नहीं है, फिर दूसरा विवाह क्यों?’’पुत्र ने कहा ‘‘ पिता जी, न तो मै अपने लिए माँ ला रहा हूँ न आपके लिए पत्नी,*मैं तो केवल आपके लिये दही का इन्तजाम कर रहा हूँ।*कल से मै किराए के मकान मे आपकी बहू के साथ रहूँगा तथा आपके ऑफिस मे एक कर्मचारी की तरह वेतन लूँगा ताकि *आपकी बहू को दही की कीमत का पता चले।’’**👌Best message👌* *-माँ-बाप हमारे लिये* *ATM कार्ड बन सकते है,* *तो ,हम उनके लिए* *Aadhar Card तो बन ही सकते है.
Saturday, 28 January 2023
घर से भागी हुई बेटियों का पिता इस दुनिया का सबसे अधिक टूटा हुआ व्यक्ति होता है, पहले तो वो महीनों तक घर से निकलता ही नही और फिर जब निकलता है तो हमेशा सिर झुका कर चलता है, आस पास के मुस्कुराते चेहरों को देख उसे लगता है जैसे लोग उसी को देख कर हँस रहे हों, जीवन भर किसी से तेज स्वर में बात नहीं करता, डरता है कहीं कोई उसकी भागी हुई बेटी का नाम न ले ले, जीवन भर डरा रहता है, अंतिम सांस तक घुट घुट के जीता है, और अंदर ही अंदर रोता रहता है।जानते हैं भारतीय समाज अपनी बेटियों को लेकर इतना संवेदन शील क्यों है,भारतीय इतिहास में हर्षवर्धन के बाद तक अर्थात सातवीं आठवीं शताब्दी तक बसन्तोत्सव मनाए जाने के प्रमाण मौजूद हैं, बसन्तोत्सव बसन्त के दिनों में एक महीने का उत्सव था जिसमें विवाह योग्य युवक युवतियाँ अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनती थीं और समाज उसे पूरी प्रतिष्ठा के साथ मान्यता देता था, आश्चर्यजनक है ना आज उसी देश में कुछ गांवों की पंचायतें जो प्रेम करने पर कथित रूप से मृत्यु दण्ड तक दे देती थी, पता है क्यों? इस क्यों का उत्तर भी उसी इतिहास में है, वो ये कि भारत पर आक्रमण करने आया मोहम्मद बिन कासिम भारत से धन के साथ और क्या लूट कर ले गया था जानते हैं, सिंधु नरेश दाहिर की दो बेटियां... उसके बाद से आज तक प्रत्येक आक्रमणकारी यही करता रहा है.. गोरी, गजनवी, तैमूर सबने एक साथ हजारों लाखों बेटियों का अपहरण किया, प्रेम के लिए...? नहीं... बिल्कुल नही... उन्होंने अपहरण किया सिर्फ और सिर्फ बलात्कार व यौन दासी बनाने के लिए,जबकि भारत ने किसी भी देश की बेटियों को नहीं लूटा, भारत की बेटियाँ सब से अधिक लूटी गई हैं, कासिम से ले कर गोरी तक, खिलजी से ले कर मुगलों तक, अंग्रेजों से ले राँची के उस रकीबुल हसन ने राष्ट्रीय निशानेबाज तारा सहदेव को, आफताब ने श्रद्धा को, सबने भारत की बेटियों को लूटा;भारत का एक सामान्य पिता अपनी बेटी के प्रेम से नहीं डरता, वह डरता है अपनी बेटी के लूटे जाने से!भागी हुई लड़कियों के समर्थन में खड़े होने वालों का गैंग अपने हजार विमर्शों में एक बार भी इस मुद्दे पर बोलना नहीं चाहता कि भागने के साल भर बाद ही उसका कथित प्रेमी अपने दोस्तों से उसके साथ दुष्कर्म क्यों करवाता है, उसे कोठे पर क्यों बेंच देता है या उसे अरब देशों में लड़की सप्लाई करने वालों के हाथ क्यों बेंच देता है, आश्चर्य हो रहा है न, पर सच्चाई यही है..!!देश के हर रेडलाइट एरिया में सड़ रही प्रत्येक बेटी जिहादियों द्वारा प्रेम के नाम पर फँसा के यहां लाई जाती है,उन बेटियों पर, उस "धूर्त प्रेम" पर कभी कोई चर्चा नहीं होती, उनके लिए कोई मानवाधिकार वादी, कोई स्त्री वादी विमर्श नहीं छेड़ता।यही एक पिता की आज्ञा ना मान कर कसाई के साथ भागी हुई बेटियों का सच है,प्रेम के नाम पर "पट" जाने वाली मासूम बेटियां नहीं जानती कि वे अपने व अपने पिता के लिए कैसा अथाह दुःख का सागर खरीद रही हैं जानता और समझता है तो बस उनका बेबस निरीह पिता।साभार....#हर_बेटी_मेरी #beti
Friday, 27 January 2023
*Beautiful Message. Not to be missed!!**YOUNG 😎 and OLD* 😸*When YOUNG,* *I was WORRIED about MY PIMPLES.**When I am OLD,**I am WORRIED about MY WRINKLES.**When I was YOUNG,**I was WAITING to HOLD HER HAND.**When OLD,**I am WAITING for SOMEONE to HOLD MY HAND.**When YOUNG,* *I wanted my parents to leave me alone**When I AM OLD**I am worried to be left alone**When I was YOUNG,**I HATED being ADVISED.**When OLD,**there is NO ONE around to TALK or ADVISE.**When YOUNG,* *I ADMIRED BEAUTIFUL THINGS.**When I am OLD,* *I see BEAUTY in THINGS around ME.**When I was YOUNG,**I felt I was ETERNAL.**When I am OLD,**I know SOON it will be MY TURN.**When I was YOUNG,**I CELEBRATED the MOMENTS.**When I am OLD,**I am CHERISHING MY MEMORIES.**When I was YOUNG,**I found it DIFFICULT to WAKE UP.**When OLD,**I find it DIFFICULT to SLEEP.**When I was YOUNG,**I WANTED to be a HEART - THROB.**When OLD,* *I am WORRIED when will MY HEART STOP.**At EXTREME STAGES of OUR LIFE,**WE WORRY but WE DON'T REALIZE,**LIFE NEEDS to BE EXPERIENCED.**It DOESN'T MATTER whether YOUNG or OLD. LIFE needs to be LIVED and LIVED WITH LOVE & LOVED ONES.**A Wonderful Message and a Fact too*.
Wednesday, 25 January 2023
Monday, 23 January 2023
Sunday, 22 January 2023
"A young man asked his grandfather, "Grandpa, how did you live in the past without technology . . .without computers,without Internet connection,without TVs,without air conditioners,without cars,no cell phones?"Grandpa answered:"As your generation lives today . . .there are no prayers,there is no compassion,there is no respect,no real education,there is no personality,there is no shame at all,there is no modesty,there is no honesty.(Of course, marami pa naman ang matitino ngayon)We, the people born between the years 1940-1980, were the blessed ones. Our lives are living proof."• While playing and riding a bike, we have never worn a helmet.• Before school we played, and again after school, until dusk and hardly ever watched television.• We played with real friends, not virtual friends.• If we were thirsty, we would drink tap water, or water from the hose, not mineral water.• We never worried even as we shared the same cup of juice with four friends.• We never gained weight by eating plates of pasta every day.• Nothing happened to our feet despite roaming barefoot.• We never used food supplements to stay healthy.• We used to make our own toys and play with them.• Our parents were not rich. They gave love, not stuff.• We never had a cell phone, DVD, game console, Xbox, video game, PC, internet, chat . . . but we had true friends.• We VISITED FRIENDS WITHOUT BEING INVITED and shared and enjoyed the food with them.• Parents lived nearby to take advantage of family time.• We may have had black and white photos, but you can find colorful memories in them.• We are a unique and the most understanding generation, because we are the LAST GENERATION THAT LISTENED TO THEIR PARENTS.And we are also the FIRST ONES WHO LISTEN TO THEIR CHILDREN.• We are a limited edition!Take advantage of us. LEARN FROM US. We are a treasure destined to disappear soon."ANONYMOUS
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