Monday, 1 May 2023

जो इंसान स्वार्थ वश ही आपसे जुड़ा हुआ है, वो लम्बी रेस का घोड़ा नही बन सकता। इसलिए ऐसे लोगो को त्यागना ही श्रेष्ठ है।

क्रोधमें भी शब्दों का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरें तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े

जन्म और मृत्यु अब महंगे हो गए हैं, सिजेरियन के बिना कोई आता नही और वेंटीलेटर के बिना कोई जाता नही..

जो लोग “दिल” के अच्छे होते हैं, “दिमाग” वाले लोग उनका जम कर फायदा उठाते हैं।

जन्म और मृत्यु अब महंगे हो गए हैं, सिजेरियन के बिना कोई आता नही और वेंटीलेटर के बिना कोई जाता नही..

ज़िन्दगी में कुछ भी परमानेंट नहीं है।जो आज है कल शायद ना हो क्या पता ।