तुम्हारा आदर उसी पल खत्म हो जाएगा.... जब तुम उन्हें ना कह दोगे.... क्योंकि महत्व तुम्हारा नही, तुमसे प्राप्त होने वाली सेवाओं का है... बिना मतलब के कोई तुम्हे घास भी नहीं डालेगा। तुम एकबार मना करके तो देखो... कई तो तुम्हारे दुश्मन ही बन जाएंगे, तुम्हें बर्बाद करने पर तूल जाएंगे।